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3 दिवसीय “आदिरंग” महोत्सव संपन्न हुआ

"जनजातीय गौरव" को पुनर्स्थापित करने के लिए कृतसंकल्पित है सरकार -मंत्री डॉ. शाह* ---

3 दिवसीय “आदिरंग” महोत्सव संपन्न हुआ

“जनजातीय गौरव” को पुनर्स्थापित करने के लिए कृतसंकल्पित है सरकार -मंत्री डॉ. शाह*

“आदिरंग महोत्सव” का आयोजन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि -मंत्री सुश्री भूरिया

खण्डवा// जनजातीय नृत्य, संगीत एवं शिल्प कलाओं पर केंद्रित 3 दिवसीय “आदिरंग” महोत्सव रविवार को हरसूद के स्टेडियम ग्राउण्ड में संपन्न हुआ। “आदि रंग” महोत्सव का समापन कार्यक्रम प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया और प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुरेंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेडे, श्री राजे विरेन्द्र शहा उपाध्यक्ष, भा.ज.पा महाराष्ट्र, नगर पालिक निगम खंडवा की महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, महापौर, नगर पालिक निगम, छिंदवाडा श्री विक्रम अहाके कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता, पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री मनोज कुमार राय तथा जिला पंचायत के सीईओ डॉक्टर नागार्जुन गौड़ा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि जिले के खालवा विकासखंड के ग्राम रोशनी में 19.78 करोड़ रूपये लागत से “सामुदायिक कला भवन सह प्रशिक्षण केन्द्र” स्वीकृत किया गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में आदिवासी वर्ग के ग्रामीणों को उनकी जनजाति से संबंधित लोक गायन, वादन, आदिवासी लोक नृत्य, आदिवासियों की परंपरागत चित्रकला और अन्य लोक कलाओं के संबंध में प्रशिक्षित किया जाएगा। मंत्री डॉक्टर शाह ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय योद्धाओं के योगदान को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, ताकि नई पीढ़ी भी जनजातीय वर्ग के जननायको के बारे में जान सकें।
मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग के विकास के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने जनजाति वर्ग की भलाई के लिए नए-नए नवाचार करने के लिए मंत्री डॉक्टर विजय शाह की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरसूद जैसे छोटे से शहर में आदिरंग महोत्सव जैसे कार्यक्रम का आयोजन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि इस तरह के आयोजन सामान्यतः इंदौर, भोपाल, जबलपुर जैसे महानगरों में होते हैं।
खंडवा की महापौर श्रीमती अमृता यादव ने कहा कि आदिरंग महोत्सव के आयोजन को इस क्षेत्र के नागरिक हमेशा याद रखेंगे। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुरेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आदिरंग महोत्सव के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को एक ही मंच पर देश के विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है जिसे यहां के लोग वर्षों तक याद रखेंगे।

तीसरे दिन हुए ये कार्यक्रम
“आदि रंग” महोत्सव के समापन दिवस पर रविवार को वीरांगना रानी दुर्गावती नृत्य-नाट्य, निर्देशकः रामचन्द्र सिंह भोपाल द्वारा, उज्जैन का मटकी नृत्य कृष्णा वर्मा एवं साथियों द्वारा, करमा-सैला नृत्य गोण्ड जनजातीय- उपेन्द्र सिंह एवं साथी-सीधी द्वारा, ठाट्या नृत्य गोण्ड जनजातीय- अर्जुन बाघमारे एवं साथी-बैतूल द्वारा, सिरमोरी नाटी नृत्य जोगिन्दरसिंह हब्बी एवं साथी-हिमाचल प्रदेश द्वारा, गुसाड़ी नृत्य टी. श्रीधर एवं उनके साथी -तेलंगाना द्वारा तथा नटुआ नृत्य बीरेन्द्र कालिन्दी एवं उनके साथी -प. बंगाल द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में जनजातीय जनयोद्धाओं पर केन्द्रित “जननायक” चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई।

 

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